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Dr.Rashmi Khare"neer"

Drama

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Dr.Rashmi Khare"neer"

Drama

100साल

100साल

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तुमको मिली है

उमर भरपूर

तुम बूढ़े होकर भी बूढ़े नहीं होते

अपनी छांव में बिठाया है कभी

अपने गोद में खिलाया है कभी


आज बहुत सालों बाद मैंने तुमको देखा

ऐसा लगा लिपट जाऊं तुझसे

आंखो में आंसू थे

लगा तू भी तो तो रहा

सखियां भी सब याद आ गई


तू सबको कितना याद आता होगा

तेरे पास बैठकर कितना जीवन किया हमने

तू शांत चुपचाप सुना

तेरे पास आकर कितनी बार रोया मैंने


तुझे क्या बताऊं

अब एक बार फिर तुझसे लिपटना

कुछ तेरे पास आकर कहना है

मैंने हमेशा तुझे पूजा है

तू ईश्वर का दूसरा रूप है

तू अटल है अनंत है।


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