STORYMIRROR

Avneet kaur

Romance Tragedy Fantasy

3  

Avneet kaur

Romance Tragedy Fantasy

वक्त

वक्त

1 min
285

वक्त से पूछकर ही 

मैंने वक्त निकालना छोड़ दिया

जिस तरह आज तूने

मुझे प्यार करना छोड़ दिया

एक वक्त था जब मुलाकात की थी हमने

उस वक्त ने ही आज मुझे धोखा दिया

रात से सुबह होते भी वक्त लगता है

क्यों इस कदर तूने मुझसे मिलना छोड़ दिया

दस्तूर तो ज़िन्दगी का है साथ निभाना

क्या हुआ ऐसा तूने तो मेरा साथ निभाना भी छोड़ दिया

कलम में जब खत्म हो गयी स्याही

उस वक्त से हमने लिखना छोड़ दिया...


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance