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शुभम् सरल कुशवाहा

Romance Inspirational

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शुभम् सरल कुशवाहा

Romance Inspirational

कैसी मोहब्बत की है हमने

कैसी मोहब्बत की है हमने

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कैसी मोहब्बत की है हमनें

अब तक हम बर्बाद नहीं


तौर तरीको वाली 

मोहब्बत वर्षो तो कर डाले थे

अपनी सेहत वाली 

सारी गजलों को भी पड़ डाले थे


मोहब्बत करने वाले वंदे 

क्या से क्या हो जाते हैं

लोग इश्क में ही जीने

 मरने की रस्म निभाते हैं


वर्षो पहले इक दूजे खातिर

 घर वालो को छोड़े थे 

अपने रिश्ते जोड़े थे हम

 घर वालो से तोड़े थे


मार पड़ी थी पापा से जब

क्या ये भी तुमको याद नहीं 

कैसी मोहब्बत की है हमनें

अब तक हम बर्बाद नहीं।


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