STORYMIRROR

Avneet kaur

Abstract

2  

Avneet kaur

Abstract

मासूमियत

मासूमियत

1 min
176

मासूमियत थी उसके चेहरे पर

आँखों में सुकून था

ढूँढती थी उसके साथ को

पर वो हर वक्त ही मशरूफ था

हम चाय की प्याली पर उसका इंतज़ार करते रहे

पर वो शराब पीने के लिए मशहूर था

बदनाम तो हम हुए थे उनकी मोहब्बत में

उनको इसी बात पर तो गुरूर था

वो तो आज भी हमारी चाहत हैं

पर उनकी ज़िंदगी में

कल हम थे, आज कोई और था!


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

More hindi poem from Avneet kaur

मंज़ूर

मंज़ूर

1 min पढ़ें

खफ़ा

खफ़ा

1 min पढ़ें

अक्षर

अक्षर

1 min पढ़ें

सच

सच

1 min पढ़ें

सवाल

सवाल

1 min पढ़ें

सफ़र

सफ़र

1 min पढ़ें

जाम

जाम

1 min पढ़ें

Similar hindi poem from Abstract