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Avneet kaur

Abstract

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Avneet kaur

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सच

सच

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ग़रीब वो होते हैं,

जिनके सिर पर छत नहीं होती..

या अमीर वो होते हैं

जो महलों में रहते हैं...


या फिर कहूँ तो..

गरीब वो हैं

जिनके पास खाने के लिए कुछ नहीं होता..

या वो अमीर हैं..

जिनके पास फेंकने तक के लिए पकवान हो..


वो गरीब होते हैं क्या

जिनके पास पहनने के लिए कपड़े नहीं होते??

वो अमीर हैं क्या 

 जिनके पास कपडों से भरी अलमारियाँ होती हैं??


सच बताओ तो,

गरीबी असल में क्या होती हैं..

जब हमारी ज़िन्दगी में अपने न हो,

और अमीरी तब होती है

जब सभी का प्यार हो हमारी ज़िन्दगी में।


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