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Devashish Tiwari

Romance

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Devashish Tiwari

Romance

हाल जब भी पूछो खैरियत बताते हो

हाल जब भी पूछो खैरियत बताते हो

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हाल जब भी पूछो खैरियत बताते हो,

लगता है मोहब्बत छोड़ दी तुमने।

मेरा झुकना और तेरा खुदा हो जाना,

यार अच्छा नहीं इतना बड़ा हो जाना।

लूटेंगे लोग तुझको बड़े इत्मीनान से,

तेरे लहजे से शराफत झलकती है।

उसका ये ऐलान है कि वो मजे में है,

या तो वो फ़कीर है या फिर नशे में है।

सारी ज़िन्दगी रखा रिश्तों का भ्रम,

कोई अपने सिवा अपना न मिला मुझे।

आज तो झगड़ा होगा तुझसे ऐ खुदा,

मुश्किलें बढ़ा दी तो सब्र भी बढ़ा देता।



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