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Neeraj pal

Abstract

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Neeraj pal

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कोरोना पर माँ दुर्गा से प्रार्थना

कोरोना पर माँ दुर्गा से प्रार्थना

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हेआदिशक्ति ! हे दुर्गा माता ! दुर्गति नाशिनी !

 कैसे दूर हो यह संकट, जो विष बन छाया संपूर्ण विश्व में,

 पता नहीं कब किसको होता, मृत्यु का भय छाया मानस में,

 जन जीवन घिरा घोर तम में, अवसाद ग्रसित बन छाया मन में,

 हे संकट को हरने वाली ! इस विष का तुम पान करो !

 हम तो ठहरे अज्ञानी मानस, इस विष-व्याधि का उपचार करो !!


 हे दया मई माँ ! हे विश्व व्यापिनी काल रात्रि माता !

 चहु दिश अशान्ति छाई मन में, मचा भयानक चीख-पुकार,

 रोग ,शोक भय के कारण, मानव करता हाहाकार,

 विज्ञान के अब वश में ना कुछ भी, थकित हुआ संपूर्ण संसार,

 हे ! रक्तबीज को मारने वालीं, इस करोना असुर का नाश करो !

 विकराल हुआ जाता यह क्षण-क्षण, इसका तुम ही संहार करो !!


 हे सिंह वाहिनी ! हे सृष्टि रूपी दुर्गा भवानी माता !

 तुम तो हो ममता की मूरत, पल भर में देतीं वरदान,

 हम तो ठहरे तेरे हाथ की कठपुतली, अब तो कर दो इसका निदान,

 अंधकार के बादल छाए जग में, जीवन लगता अब श्मशान,

 सकल जगत में तेरी ही माया, प्रकाशमय जीवन अब तुम करो !

 अंतिम प्रार्थना है "नीरज" की, कोरोना रूपी विष से उद्धार करो !


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