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कुमार संदीप

Tragedy Inspirational

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कुमार संदीप

Tragedy Inspirational

प्रकृति की चाह

प्रकृति की चाह

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प्रकृति चाह रही है

कुछ कहना चाह रही है

देना संदेश हमें कि

हम न सोचें केवल

ख़ुद के लिए

ख़ुद की तरक्की के

विषय में ही न सोचकर

हम सभी सोचें

प्रकृति के विषय में भी

हाँ, चाह है प्रकृति की

कि हम न करें खिलवाड़

उसके साथ।।


प्रकृति की अभिलाषा

पूर्ण कर हमें बचाना है

अपना भविष्य

प्रकृति के साथ नहीं

करना है खिलवाड़

अन्यथा हम सभी खो देंगे

ख़ुद का अस्तित्व

सचमुच प्रकृति यदि

रुठ जाएगी हम सभी से

हाँ, सचमुच हमारा

अस्तित्व ही मिट जाएगा

इस दुनिया से सर्वदा के लिए।।


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