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कुमार संदीप

Romance Inspirational

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कुमार संदीप

Romance Inspirational

फूल की अभिलाषा

फूल की अभिलाषा

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नवयुवकों !

अपने माता-पिता के श्रीचरणों में

यदि तुम नित दिन

करते हो मुझे समर्पित।


सच कहता हूँ,

मेरे मन में तुम्हारे प्रति

प्रेम और बढ़ जाएगा।


जब तुम मुझे 

अपनी प्रेमिका के हाथों में

करते हो समर्पित

उस वक्त मैं नहीं होता प्रसन्न तुमसे।।


पर ज्यों ही मुझे 

जन्मदायिनी माँ, सहित जन्मदाता पिता

के चरणों में किया जाता है समर्पित

मेरी ख़ुशी का ना रहता है तब 

कोई ठिकाना।।


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