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कुछ अनमोल विचार
कुछ अनमोल विचार
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© Sonam Kewat

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कई बार इच्छाओं को मार डाला हमने

शायद इसलिए इन्हें खुदखुशी करने की आदत हो गई है।


आज फिर वक्त रेत की तरह फिसल गया और

आज फिर सपने आँसू की तरह बह गए ।


ऐ ग़म चल तेरे साथ एक गेम खेल ले

तू छुप जा कहीं और हम ख़ुशियों को ढूंढ लें।


कुछ लोगों को देखकर सोचा हमने की

काश हम भी इतने खुश होते और फिर समझ आया

कि वे भी मुझे देखकर यही सोच रहे थे।


आज फिर हम यादों में उनका पता खोजते रहे

पर उन्हें तो लापता होने का शौक था।


एक जोकर ने लोगों को खूब हंसाया

पर सदियाँ हो गई उसे मुस्कुराए हुए।

आंसू लापता खुदखुशी

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