STORYMIRROR

Priti Dabade

Classics Inspirational

3  

Priti Dabade

Classics Inspirational

संत मुक्ताबाई

संत मुक्ताबाई

1 min
752

बहीण धाकटी। संत मुक्ताबाई।

लडिवाळ होई। ज्ञानोबाची।।१।।


सांभाळी भावंडा। मुखी हरी नाम।

आटपती काम। हुरूपाने।।२।।


भावास बोलता। बाहेरील कोणी।

डोळ्यांतुनी पाणी। निघायचे।।३।।


अंगी गुण तया। स्पष्टवक्तेपणा।

समंजसपणा। सर्वकाळी।।४।।


कवयित्री असे। लाडकी भावांची।

भूमिका आईची। करायची।।५।।


प्रतिभेचे पैलू। जीवनदर्शन।

घडी मग छान। अभंगात।।६।।


ज्ञानेश्वरांसाठी। ताटीचे अभंग।

म्हणण्यात दंग। मुक्ताबाई।।७।।


साहित्याला गुण द्या
लॉग इन

Similar marathi poem from Classics