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Chandanlal Bisen

Abstract

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Chandanlal Bisen

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मैत्रीचा भाव

मैत्रीचा भाव

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मैत्री पारदर्शी

काच समवेत

अशीच असावी

मैत्री दुनियेत..


मैत्रीत नकोत

स्वार्थ युक्त प्रेम

निस्वार्थ असावा

श्रद्धा भाव प्रेम..


संकटी गरज

धीर देणाऱ्यांची

येथेच परीक्षा

खऱ्या मित्रत्वाची..


आठवती मैत्री

कृष्ण सुदामाची

मायेचा ओलावा

मैत्री जिव्हाळ्याची..


नात्यागोत्यांपेक्षा

मैत्री अति श्रेष्ठ

आद्य युगातही

मैत्री असे घट्ट..


मैत्री जोरावरी

युद्ध पुकारले

शौर्य गाजवून

युद्धात जिंकले..


मैत्रीच्या गोष्टी

विश्वात प्रसिद्ध

मैत्री शौर्य कथा

ग्रंथी शब्दबद्ध..


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