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jyoti pal

Romance

3  

jyoti pal

Romance

सपना

सपना

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हम फिर मिले मिलने की चाहत तो थीं पर इत्तफाक से इतनी जल्दी मिलेंगे। यह नहीं पता था । घर में सभी रिश्तेदार आये थे पर सबके सामने बात करने की हिम्मत भी नहीं हुई। तभी मोहित ने उपर रूम से फोन लाने के लिए कहा। मैं अंदर गई वहीं विराट के कपड़े देखें मुझे लगा मैं गलत रूम में आ गई फिर मैंने तस्वीर देखी रूम तो मोहित का ही है । मैंने फोन उठाया और जैसे ही मैं बाहर जाने के लिए मुड़ी देखा वीरेन सामने हैं दिमाग कह रहा था फोन देना है और पागल दिल कहता ठहर जा फिर सोचा गले तो मिल ही सकते हैं । मैंने वीरेन को जल्दी से गले लगा लिया। और धीरे से कहा आई लव यू, मैं बाहर जाने के लिए मुड़ी इस बार मोहित खड़ा था दरवाजे पर वह बिन कुछ कहे फोन लेकर बाहर चला गया। वीरेन का दोस्त होने के कारण शायद वह हमारे बारे में कुछ जानता था। अब वीरेन की बाहों में थीं। मैंने बाहर जाने का आग्रह किया- नहीं , अभी नहीं , किसी ने देख लिया तो। वीरेन ने कहा तो तो क्या अच्छा हैं सबको पता चल जाए तो तभी सोचा अभी कुछ ठीक नहीं है। मैंने वीरेन से खुद को अलग किया कोई देख लेगा बाय । तभी मम्मी ने पानी डालकर उठा दिया कितना सोती है। पर गुस्सा नहीं हँसी आ रही था, उफ! यह सपना था और ठीक से बात भी नहीं की वीरेन से और कुछ किया भी नहीं । सपना भी तो कितना हकीकत लग रहा था। थोड़ी देर सपने में ही मिले तो सही, आज पूरा दिन अच्छा गुजरेगा।


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