Uma Vaishnav

Horror Thriller Others


3  

Uma Vaishnav

Horror Thriller Others


समय यात्रा भाग - 3

समय यात्रा भाग - 3

3 mins 73 3 mins 73

सब उस आवाज़ की ओर देखते हैं, सुप्रिया भी उस ओर देखती है, जहाँ से आवाज़ आई होती है, वो देखती है, एक बहुत ही हट्टा कट्टा नौजवान खड़ा होता है।

तब वो सब कबिले वाले उस नौजवान की ओर देखते हैं, उन में से एक वृद्ध बोलता... ओह.. तो तुम यहाँ हो.... छुपे हो

भीखूँ... अगर मुझे छुपना होता.. तो अभी भी सामने नहीं आता।

सब से वृद्ध बोलता है... बस बस... हमें सब पता है... तुम सब देख क्या रहे हो.... पकड़ लो इसे और अपने कबिले में लेकर चलो.... इस वही सजा सुनाई जायेगी।

भीखूँ.... कैसी सजा? मैंने क्या किया है?

दूसरा आदमी.... बात तो ऐसे कर रहा हैं.. जैसे कुछ जानता ही नहीं।...

भीखूँ..... मुझे नहीं पता आप लोग... क्या कह रहे हो?

दूसरा आदमी.....तूने हमारे कबिले की लड़की लाची पर बुरी नजर डाली है।

भीखूँ... क्या.. ये सब आपको किसने कहा?.. आपने लाची से पूछा हैं।

वृद्ध आदमी.... बहन.. बेटियों से एसी बातें पूछी नहीं जाती है, हमें खबर मिल जाती है।

भीखूँ.. आपको ये खबर दी किसने?

तीसरा आदमी...... भेरू ने.. अपनी आँखों से देखा।

भीखूँ... अच्छा तो बुलाओ.. भेरू को..... पता तो चले उसने क्या देखा है।

वृद्ध.... वो भी वही है.. कबिले में.......तुम चलो.. उसे भी बुला लेगें। सीधे सीधे.. चले चलो... वरना बाँध कर घसीटे हुए ले जायेगें।

भीखूँ... इसकी जरूरत नहीं... मैं खुद चलता हूँ। और वैसे भी मैं तुम्हारे कबिले में आने वाला ही था। लाची का हाथ मांगने के लिए.. मैं और लाची दोनों एक दूसरे को बहुत पसंद करते हैं। आप चाहे तो लाची से पूछ सकते हैं।

तभी चौथे आदमी ने गुस्से में आगे बढ़ कर भीखूँ को मारने की कोशिश करते हुए... कहता है... अपने गंदे मुँह से लाची का नाम ना ले... मेरी बहन को बदनाम करता है मैं तुझे छोड़ऊँगा नहीं...

इतने में भीखूँ की माँ बीच में आ जाती हैं, और कहती है

.. नहीं.. नहीं.. मेरा बेटा ऐसा नहीं है... कोई तो बात होगी... वो स्त्रियों की बहुत इज़्ज़त करता है, कोई बात जरूर है, आप लोग एक बार लाची से भी पूछ ले। अगर वो कह दे कि भीखूँ ने जो भी कहाँ वो झूठ हैं और भीखूँ ने उस पर बुरी नजर डाली है तो मैं खुद उसे अपने हाथों से सजा दूँगी।

इतने में भीखूँ के कबिले का मुखिया भी आ जाता है और सारी बात जान कर कहता है... ये बात सिर्फ तुम्हारे कबिले की नहीं है,.. अपितु हमारे कबिले की भी इसलिए जो भी पूछताछ, सुनवाई या फैसला होगा... दोनों कबिलों की मौजूदगी में और सब के समाने होगा और फैसला भी दोनों कबिलों के मुखिया मिल कर करेंगे।

सुप्रिया एक पेड़ के पीछे छुप कर उनकी सारी बातें सुन और देख रही होती है तभी सुप्रिया के पीछे पत्तों की हलचल होती है सुप्रिया पीछे मुड़ कर देखती है तो उसके पीछे एक बड़ा सा सांप होता है, जिसे देख सुप्रिया डर जाती है और उस के मुंह से चीख निकलती है.... आआआ

वो बहुत डर जाती है, तभी उसकी चीख सुन कबिले के कुछ लोग... भला लेकर वहां पहुंच जाते हैं, जहाँ सुप्रिया छुपी होती है उनको देख सुप्रिया और डर जाती है, उसकी समझ में नहीं आता... अब वो क्या करें... इन से कैसे बचे।

तभी भीखूं.... वहां आता है और एक हाथ से सांप को उठा कर दूर झाड़ियों में फेंक देता है।

सभी बड़े आश्चर्य से सुप्रिया को देखते हैं, और भीखूं कहता है... अरे ओ लाची... ये क्या पहना है, तू कब से सब सुन रही थी.. फिर बोली क्यो नहीं ?

भीखूँ की बात सुन सुप्रिया हैरान हो जाती है। वो कुछ बोलती उससे पहले ही.....

......... कहानी जारी रहेगी



Rate this content
Log in

More hindi story from Uma Vaishnav

Similar hindi story from Horror