सितारों का आंगन
सितारों का आंगन
झील मिल सितारों का आँगन होगा
प्रभु के खेल में गिलरिया होगी !
प्रभु की जो लीला में पथरिया होगी
ऐसी सुन्दर दिखने की समईया होगी !!
बेचारी पत्थर को वो उठा ना पाई है
पानी में डूब के माटी लपेट लाई है !
अति सुन्दर सिन्धु पे डगरिया होगी
ऐसी सुन्दर दिखने की समईया होगी !!
राम तेरी सेवा करके मैं भी जी भर लूंगी
बीच में जो आयेगा मैं उसे मजा दूंगी !
मुझसे छोटी सागर की लहरिया होगी
ऐसी सुन्दर दिखने की समईया होगी !!
देख राम जी फिर उसके नजदीक आये हैं
रवि प्यारे उनके हाथों से निशान पाएं हैं !
छाई फिर वहां खुशी कि बदरिया होगी
ऐसी सुन्दर दिखने की समईया होगी !!
