STORYMIRROR

Nirdosh Jain

Classics

4  

Nirdosh Jain

Classics

मेरे पापा

मेरे पापा

1 min
392

  मेरा अभिमान मेरा गुमान, मेरी शान है पापा।

  मेरी आंखों का काजल, मेरी मुस्कान है पापा।।

  जीता है हमारे लिए, मरता वो हमारे लिए।

   मेरा जन्मदाता मेरा भाग्य विधाता है पापा।।


  फिक्रमंद हर वक्त, हम पर कुर्बान है पापा।

  मेरा अरमान, अभिमान मेरा भगवान है पापा।।

  हमारा भूत भविष्य और वर्तमान है पापा।

  मां धरती है और आसमान  है पापा।।


  फिक्र कुछ भी नहीं, जब तक पास है पापा।

  बहुत पछताते है, रोते है जब न साथ हो पापा।।

  हमें पढ़ा लिखा कामयाब इंसान बनाते हैं पापा।


  हमारी कामयाबी पर, सबसे ज्यादा खुश होते हैं पापा।।

  हमारी हर जरूरत के लिए, खून पसीना बहाता पापा।

  छुप,छुप हर सितम दर्द, मुस्कराकर पी जाता पापा।। 


   कोई कुछ नहीं सबसे बढ़कर है हमारे पापा।

   हमारे सबसे मन पसंदीदा हीरो है पापा।।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi story from Classics