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Dr.Beena Agrawal

Abstract

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Dr.Beena Agrawal

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कर्फ्यू का दसवां दिन

कर्फ्यू का दसवां दिन

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मुझे ऐसा क्यों लग रहा है कि यह सब प्रकृति की मार है क्योंकि प्रकृति ने मनुष्य को बार-बार चेतावनी दी कि मनुष्य प्रकृति का दोहन ना करें लेकिन मनुष्य ने प्रकृति पर बहुत बोझ डाल दिया है मनुष्य नए-नए अन्वेषण से प्रकृति को परेशान कर रहा है उसका बोझ दिन प्रतिदिन बढ़ रहा है मनुष्य प्रकृति का विनाश कर रहा है मनुष्य अपने फायदे के लिए प्रकृति को नष्ट किए जा रहा है नदियों का बहाव मोड़ देना ,पहाड़ों को तोड़ देना ,जंगलों में आग लगा देना ।पता नहीं मनुष्य क्या चाहता है हो सकता है इसीलिए प्रकृति ने अपना बदला लिया हो ।इंसान ने भी हद कर दी है प्रकृति के जीवन से खिलवाड़ कर रहा है कीड़े मकोड़े पता नहीं क्या-क्या खा रहा है तो कहीं ना कहीं तो भी अपना असर जरूर दिखाएगी क्योंकि पिछले साल जब मैंने अपनी आंखों से देखा कि लोग जीव जंतु कोऐसे ही खा लेते हैं तो मेरा हृदय अंदर ही अंदर रो रहा था हो सकता है इसीलिए प्रकृति ने कोरोनावायरस को भेजा हो।


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