STORYMIRROR

Kumar Vikrant

Romance

4  

Kumar Vikrant

Romance

खाली फोटो फ्रेम : प्यार

खाली फोटो फ्रेम : प्यार

4 mins
423

आज पूरे पाँच साल बाद रश्मि देव दुर्ग से विल सिटी आई थी वजह थी यूनिवर्सिटी से अपना एम ए का सर्टिफिकेट लेना। यूनिवर्सिटी में सर्टिफिकेट लेते-लेते दोपहर हो गई, उसके बाद कुछ सोच कर उसने सिड को फोन किया, फोन पर बैल जाती रही लेकिन सिड ने फोन का जवाब नहीं दिया। कुछ सोचकर रश्मि ने सिड को मैसेज किया-

'आज विल सिटी में हूँ, मिल सकते हो।'

मैसेज करने के बाद रश्मि बहुत देर तक मोबाइल को देखती रही लेकिन मैसेज रिसीव नहीं हुआ बल्कि पैंडिंग ही रहा।

कुछ सोचकर रश्मि साऊथ एवेन्यू की तरफ चल पड़ी। पता नहीं सिड आज भी वहाँ रहता है या नहीं? लेकिन जाने में हर्ज है, साऊथ एवेन्यू यूनिवर्सिटी से चंद मिनटों की दूरी पर ही तो है।

पाँच साल पहले रश्मि ने जब सिड को उसकी शादी तय होने के बारे में बताया था तो वो चुप सा हो गया था लेकिन मुस्करा कर बोला था-

"शादी कर रही हो, बहुत बहुत मुबारक हो।"

"तुम नाराज तो नहीं हो न?" रश्मि ने पूछा था।

"नहीं, जो हम दोनों चाहते थे वैसा तो न हो सका, तुमने शादी के लिए हाँ कह दिया है तो कुछ सोच समझ कर ही कहा होगा।"

"हाँ, पापा की मर्जी के सामने मेरी मर्जी न चल सकी।" रश्मि ने जवाब दिया था।

"तो ठीक है रश्मि, अब बिछड़ने का टाइम आ गया है, बेस्ट ऑफ़ लक।"

"थैंक्स सिड लेकिन तुम्हारे रूम की मेज पर हम दोनों की जो फोटो रखी है प्लीज उस फोटो को वहाँ से हटा देना, नष्ट कर देना।" रश्मि गिड़गिड़ा कर बोली।

"तुम चिंता न करो रश्मि उस फोटो को मैं जाते ही नष्ट कर दूँगा और फ्रेम को खाली कर दूँगा।" सिड हँसकर बोला, "लेकिन वो फ्रेम ज्यादा दिन खली नहीं रहेगा उसमे बहुत जल्दी तुम जैसी ही अच्छी लड़की की फोटो मेरे साथ नजर आएगी।"

इतना कहकर सिड हँसते हुए चला गया था। उसके बाद न कभी उसने रश्मि को कभी फोन किया और यदि रश्मि ने कभी फोन किया तो उसने जवाब न दिया।

साऊथ एवेन्यू की तरफ चलते-चलते रश्मि सोच में पड़ गई कि आखिर वो सिड के कमरे पर जा क्यों रही है?

वो इसी सोच विचार में खोई थी कि सामने सिड के मालिक मकान का घर नजर आने लगा। घर का मेन गेट खुला हुआ था; रश्मि ने एक पल सोचा और फिर गेट के अंदर प्रवेश कर गई।

घर का मुख्य दरवाजा बंद था वो दरवाजे को खटखटाने वाली ही थी कि दरवाजा खुला और दरवाजा मकान मालकिन ने ही खोला था।

"आंटी सिड अपने कमरे में है?"

"अरे रश्मि बेटा तू, बहुत दिन बाद आई........."

"हाँ आंटी कॉलेज पूरा हो गया था तो अपने शहर वापिस जाना पड़ा। सिड अपने कमरे में है?"

"अरे बेटी सिड का तो भगवान ही मालिक है, कमरा उसके पास ही है लेकिन कब आता है कब जाता है कुछ पता नहीं लगता है। कभी-कभी तो १०-१० दिन तक आता ही नहीं है, आज भी वो यहाँ नहीं है, तू फोन करके पूछ ले कहाँ है वो।"

"ओह, आंटी फोन तो उसका कभी लगता ही नहीं है। आंटी उसका कमरा खुला है; मेरी एक किताब उसके कमरे में रह गई थी आप कहो तो ले लूँ?"

"अरे बेटी यह भी कोई पूछने की बात है, जा ले ले, उसका कमरा खुला ही है।"

रश्मि तो एम ए करने के बाद अपने शहर देवदुर्ग चली गई थी लेकिन सिड पी एच डी करने के लिए विल सिटी में ही रुक गया था। पता नहीं उसकी पी एच डी अभी पूरी हुई है या नहीं, वो विल सिटी में क्या कर रहा था रश्मि को कुछ पता नहीं था सच बात तो यह थी कि रश्मि को यह भी पता नहीं था कि वो सिड के कमरे में क्यों जा रही थी?

सिड का कमरा सामने ही था, दरवाजा बंद था लेकिन लॉक्ड नहीं था। रश्मि ने दरवाजा खोला। उसके सामने करीने से रख रखाव किया कमरा था हर वस्तु सलीके से रखी हुई थी। किताबे अपने स्थान पर रखी थी, कम्प्यूटर अपनी टेबल पर था। बिस्तर साफ़-सुथरा था। स्टडी टेबल और कुर्सी अपने स्थान पर रखी। टेबल पर कुछ हिंदी और अंग्रेजी उपन्यास रखे हुए थे। मेज पर वो फोटो फ्रेम भी था जिसमे सिड के साथ रश्मि की फोटो थी, लेकिन उस फ्रेम में अब कोई फोटो नहीं था।

रश्मि उस खाली फ्रेम को देख कर आश्चर्यचकित थी। सिड ने अपना वादा निभाया था, उसने उस फ्रेम से रश्मि की फोटो तो निकाल दी थी लेकिन उस फ्रेम में न तो अब सिड की फोटो थी और न सिड के साथ किसी और लड़की की फोटो थी।

प्यार के जिस रास्ते पर रश्मि सिड के साथ चली थी उस रास्ते पर वो तो सिड का साथ न दे सकी थी परन्तु सिड अभी आगे बढ़ पाया था या नहीं उसे नहीं पता था। कदाचित यही जानने की चाह रश्मि को फिर से सिड के कमरे तक ले आई थी।


Rate this content
Log in

Similar hindi story from Romance