झरना और मोहब्बत
झरना और मोहब्बत
जंगल के बीचों-बीच बने उस आलीशान लकड़ी के केबिन में सुबह की पहली सुनहरी किरण ने खिड़की के पर्दों को चीरते हुए दस्तक दी। रिया की आँखें धीरे से खुलीं, तो उसने देखा कि बिस्तर का दूसरा हिस्सा खाली था। आर्यन वहाँ नहीं था, लेकिन उसकी खुशबू अभी भी चादरों में बसी हुई थी। रिया एक अलसाई हुई मुस्कान के साथ उठी। उस सुबह उसने एक बेहद झीनी और पारदर्शी गुलाबी रंग की रेशमी नाइटी पहनी हुई थी, जो उसके दूधिया बदन पर किसी बिजली की तरह चमक रही थी। उसका 'जीरो फिगर' और सुडौल बदन उस लिबास में और भी कयामत ढा रहा था। उसके होंठ गुलाब की पंखुड़ियों की तरह गुलाबी और रसीले लग रहे थे। रिया दबे पाँव केबिन के पिछले हिस्से की ओर बढ़ी, जहाँ से झरने के गिरने की गूँज सुनाई दे रही थी। जैसे ही वह बाहर पहुँची, उसकी धड़कनें अचानक थम गईं। सामने का नज़ारा किसी ख्वाब जैसा था। आर्यन वहां कुदरत के बीचों-बीच खड़ा था। वह अभी-अभी झरने के ठंडे पानी से नहाकर बाहर निकला था और उसके बदन पर एक भी कपड़ा नहीं था। सूरज की पहली किरणें उसकी 'वज्र-काया' की मजबूत और तराशी हुई मांसपेशियों पर पड़कर उन्हें सोने की तरह चमका रही थीं। उसके चौड़े कंधों और सख़्त सीने से पानी की बूंदें फिसलकर नीचे गिर रही थीं। रिया अपनी पलकें झपकना भूल गई। वह आर्यन की उस असीमित मर्दाना ताकत और बेपर्दा जिस्म को देखकर पूरी तरह मंत्रमुग्ध थी। आर्यन ने पीछे से आती आहट को महसूस किया और धीरे से पलटा। उसकी गहरी आँखों में एक अजीब सा खुमार था। वह बिना किसी हिचकिचाहट के, अपनी पूरी नग्नता के साथ धीरे-धीरे रिया की ओर बढ़ने लगा। जैसे ही आर्यन उसके करीब आया, उसने अपने मजबूत और गीले हाथों से रिया की पतली कमर को थाम लिया और उसे अपने सीने से सटा लिया। रिया के कोमल बदन को जैसे ही आर्यन के सख़्त और ठंडे जिस्म का स्पर्श हुआ, उनके बीच प्यार का एक ऐसा तूफान उठा जिसने रूह और जिस्म के फासलों को मिटाकर उन्हें एक कर दिया। काफी समय बीतने के बाद, जब सूरज पूरी तरह ऊपर आ चुका था, आर्यन और रिया वापस केबिन के मुख्य हॉल में दाखिल हुए। वहां का नज़ारा अब पूरी तरह बदल चुका था। केबिन के बड़े मेज पर बबलू, समीक्षा और लकी ने मिलकर एक शानदार सुबह के नाश्ते (Brunch) का इंतजाम कर रखा था। ताज़े फलों, जूस और लजीज पकवानों की खुशबू पूरे हॉल में फैली हुई थी। लकी खिड़की के पास खड़ा होकर बाहर के नज़ारों की तस्वीरें ले रहा था, जबकि बबलू अपनी दूरबीन को साफ़ करने में लगा हुआ था। जैसे ही आर्यन और रिया हॉल में आए, समीक्षा की तेज़ नज़रों ने तुरंत उनके चेहरों के हाव-भाव भांप लिए। रिया के गाल अभी भी गुलाबी थे और उसकी आँखों में एक अलग ही चमक थी। समीक्षा ने अपनी कुर्सी पर पीछे झुकते हुए एक शरारती मुस्कान के साथ कहा, "अरे वाह! वैसे आर्यन भाई... आज आप दोनों के चेहरे पर ये जो अलग ही निखार है, ये जंगल की ताज़ा हवा का कमाल है या फिर कुछ और ही खिचड़ी पक रही है? और रिया, ये सुबह-सुबह का क्या चक्कर है जो तुम इतनी देर से गायब थी?" बबलू ने अपनी दूरबीन मेज पर रखी और हँसते हुए बोला, "अरे समीक्षा जी, आप भी न! शायद ये लोग जंगल की 'गहराइयों' का सर्वे करने गए थे। क्यों आर्यन, कोई खास 'शिकार' हाथ लगा या नहीं?" लकी ने मुस्कुराते हुए जूस का गिलास आगे बढ़ाया और कहा, "लगता है आज का नाश्ता बहुत खास होने वाला है।" आर्यन ने बिना किसी झिझक के रिया का हाथ थाम लिया और उसे कुर्सी पर बिठाते हुए धीरे से बोला, "मंजर वाकई बहुत खूबसूरत था बबलू, और उस खूबसूरती को शब्दों में बयान करना नामुमकिन है।" आर्यन की बात सुनकर रिया ने शर्माकर अपनी नज़रें झुका लीं।

