दिल के कागज
दिल के कागज
दिल के कागज कागज पे हमने भी नाम लिखा है तुम्हारा, दिल के हर पन्ने पे एहसास है तुम्हारा, ये तो बस अल्फाज़ हैं जो दुनिया पढ़ रही है, असल में तो इन धड़कनों में वास है तुम्हारा। शहर की पुरानी लाइब्रेरी की एक शांत दोपहर थी, जहाँ रिया अक्सर पुराने कागजों और अनकही कहानियों की तलाश में आती थी। उसका मानना था कि दिल भी एक सफेद कागज की तरह होता है, जिस पर वक्त अपनी इबारत लिखता है। एक दिन एक पुरानी किताब के पन्नों के बीच उसे एक अधूरा खत मिला, जिस पर लिखा था— "कुछ बातें कागजों पर भी नहीं उतरतीं।" नीचे नाम लिखा था— आर्यन। रिया ने उत्सुकता में उसी कागज के पीछे लिख दिया, "शायद उन बातों को कोई समझने वाला नहीं मिला।" उसने वह कागज वहीं छोड़ दिया। अगले दिन जब वह वापस आई, तो वहां एक नया संदेश था। पास ही खड़ा एक युवक उसे गौर से देख रहा था। उसने पास आकर धीमे से कहा, "कागज और दिल एक जैसे होते हैं रिया, एक बार उन पर कुछ लिख दिया जाए तो मिटाना मुमकिन नहीं होता।" वह आर्यन था। उस दिन के बाद से उन दोनों ने एक-दूसरे के 'दिल के कागज' पर अपनी मोहब्बत की नई कहानी लिखनी शुरू कर दी। लिखा है जो इस दिल के कागज पर, वो पैगाम हो तुम, मेरी सुबह की पहली किरण और सुहानी शाम हो तुम, दुनिया पढ़ न पाएगी इस अनकही इबादत को, क्योंकि मेरी हर सांस में लिखा सिर्फ तुम्हारा नाम है। नेक्स्ट
