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sukhwinder Singh

Drama

4  

sukhwinder Singh

Drama

पंजाब दी शान

पंजाब दी शान

2 mins
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​चिट्टा कुर्ता, हाथ विच डांग, रुतबा पूरा भारी, दुश्मन दी हिक्क विच बज्जे, जिहवे कोई कटारी, पगड़ी दी लाट ऊंची, अख विच अक्खां पावे, एह गबरू पंजाब दा, जिथे जावे छ जावे। ​पंजाब की मिट्टी का असली रंग तब निखरता है जब आर्यन अपने ठेठ पंजाबी अंदाज़ में बाहर निकलता है। उसका चिट्टा कुर्ता-पजामा इतना साफ़ और कड़क होता है कि देखने वाले की आँखें ठहर जाएं। कुर्ते के घेरे पर बनी बारीक 'झालर' और कलाई पर चमकता चांदी का कड़ा उसकी शख्सियत में चार चांद लगा देते हैं। जब वह अपनी तेढ़ी पगड़ी सजाकर और कंधे पर काली लोई रखकर गाँव की चौपाल से गुजरता है। तो हवाओं में भी एक अलग सा रुआब और पंजाब का टशन छा जाता है। रिया अक्सर उसे देख कर मुस्करा देती और कहती, "आर्यन, तुम्हारा ये अंदाज़ किसी राजा से कम नहीं।" आर्यन मूछों को ताव देते हुए कहता, "रिया, ये सफ़ेद लिबास सिर्फ़ कपड़ा नहीं, मेरी विरासत और शान है।" आर्यन का रुआब ऐसा था कि अपनों के लिए प्यार और दुश्मनों के लिए उसके हाथ की 'डांग' ही काफी थी। आज भी जब वह पंजाब की गलियों में कदम रखता है, तो उसकी 'झालर' वाली शान पूरे गाँव का मान बढ़ाती है। ​दूध जैसा कुर्ता तेरा, नीत तेरी साफ़ है, तू पंजाब दा पुत्तर, हर गलती तेरी माफ़ है, झालर तेरी शान बढ़ाए, पगड़ी तेरी आन, हर पंजाबी


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