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Hemisha Shah

Abstract

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Hemisha Shah

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हत्यारा कौन

हत्यारा कौन

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बहुत ही भीड़ लगी थी बीच सड़क पे।

ट्रैफिक भी जाम।

"ऑफअब काफी देर हो जाएगीये ट्रैफिक हटते हटते" राजेश बोला

मगर तभी एम्बुलेंस आई सामने से उस भीड़ तक।

राजेश गाड़ी से उतरा और देखा दो कार टकाराई है और एक ज़ख़्मी हैदूसरे कार वाले को तो कुछ हुआ ही नहीं बस हलकी सी चोट ज़ख़्मी को मलमपट्टी की ज़रूरत थी सो एम्बुलेंस उसे ले गईराजेश भीड़ से निकल के कार तक जानेको मुड़ा तब उसे हलकी सी कहराने की आवाज़ आई किसी ने ध्यान नहीं दिया के एक प्यारा बिल्ली का बच्चा भी घायल है राजेश ने उसे उठाया और वोह बच्चा राजेश को देख रहा था जैसे की वोह उसे बचा लेगा वो बच्चा आखरी सांस ही ले रहा था जैसे राजेश को कहे रहा हो की "बचा लो मुझको नहीं मरना मुझे इन्साफ दो मुझे।"

राजेश को उस बच्चे पे प्यार आ रहा था वोह मदद के लिए पुकारने लगा मगर किसको परवाह थी ?

तभी उस बिल्ली के बच्चे ने आखिरी बार राजेश की तरफ देखा और आखरी सांस लीबच नहीं पाया वोह राजेश ये देख के गमगीन हो गया इतना प्यारा था वोह काश उसे बचा पता राजेश गाड़ी तक ले गया और एक पुराने कपडे पे रखा और फिर दुर एक जगह गया  और उसे गड्ढे में रख़ के फिर उसपे मिट्टी डालने लगा और सोचने लगा " गर उस गाड़ीके नीचे मिनिस्टर या अफसर का कुत्ता या बिल्ली का बच्चा होता तो उसके हत्यारे को सजा मिलती।

असली हत्यारा कौन है ? पावर या फिर पैसा या फिर ये बच्चे का लावारिससपन जो उसे इन्साफ दिला ना सका।"

पर ये बच्चा तो रोड़ पे चलता था कहा से इन्साफ मांगू ? किससे मांगू ? वह अफ़सोस करता हुआ वहां से गमगीन हो के चला गया मगर ये सवाल उसके ज़हन से नहीं गया हत्यारा कौन ?


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