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Shagufta Quazi

Tragedy

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Shagufta Quazi

Tragedy

हाथी के दाँत

हाथी के दाँत

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शिखा, "बुआ, आप नारी उत्पीड़न, अत्याचार, यौन शोषण, नारी सशक्तिकरण, दहेज विरोध आदि महिलाओं से जुड़ी समस्याओं पर विभिन्न मंचों से भाषण देती है, इन समस्याओं के ख़िलाफ़ आवाज़ उठा इन्हें सुलझाने के प्रयत्न कर उनकी मदद करती हैं।"

बुआ-"हां, एक महिला होने के नाते ये मेरा फ़र्ज़ है।"

शिखा,"तब तो अपने बेटे की शादी में आप दहेज व हुंडा बिल्कुल न लोगी।"

 बुआ- "तुम पागल हो गई हो क्या ? एकहि तो बेटा है मेरा, आला अफ़सर, सोने पर सुहागा सुंदर, सुशील, संस्कारी, इस तरह के लड़कों की बहुत डिमांड है। हुंडा और दहेज लेना तो बनता ही है।"

शिखा, "बुआ आपके वो भाषण, व्यवहार आदि क्या केवल दिखावा मात्र है ?"

बुआ, "तुम तो, रहने ही दो, दुनियादारी तुम न समझोगी !"


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