कलमकार सत्येन्द्र सिंह

Abstract Drama Horror Thriller Tragedy Crime

4.3  

कलमकार सत्येन्द्र सिंह

Abstract Drama Horror Thriller Tragedy Crime

दगाबाज़

दगाबाज़

1 min
99


 

शहर में ज़बरदस्त दंगे हो रहे थे.सेना लगने की तैयारी हो रही थी.एक दम्पति की हत्या तो वह भी कर चुका था.दूर छिटके हुए उनके दुधमुंहे बच्चे पर उसे दया आ गई.किसी तरह उस बच्चे को बचते-बचाते घर ले आने में सफल हो चुका था.पता नहीं वह किस जमात या संगठन का दगाबाज़ था?

उसके हाथ में न कलावा था और न ही टोपी फिर भी उसे ऊपर वाले की माफ़ी मिल चुकी थी.


Rate this content
Log in

Similar hindi story from Abstract