Priyanka Shrivastava "शुभ्र"

Tragedy


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Priyanka Shrivastava "शुभ्र"

Tragedy


डायरी के पन्ने डे 19

डायरी के पन्ने डे 19

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आज 19 .4 को एक बेहद दुःखद घटना घटी। हमारे सुरक्षा में लगे डॉक्टर और पुलिस वालों के साथ नित्य नए अभद्रपूर्ण व्यवहार तो सुनने को मिल ही रह था। आज पंजाब में किसी इंस्पेक्टर की हाथ किसी ने काट दी। उन्हें तुरत अस्पताल ले जाया गया। इनकी हाथ प्रत्यारोपित हो कर भविष्य में बिल्कुल ठीक हो जाएगी। किंतु ये कितना निंदनीय हरकत है। जिसने भी ये जघन्य कार्य किया उसने पूरे समाज का सर झुका दिया। 

आज 'लेख्यमंजूषा साहित्यिक ग्रुप' की मासिक साहित्यिक गोष्ठी ऑनलाइन की गई। आज सभी ने अपनी-अपनी लघुकथा सुनाए। मैंने भी अपनी एक लघुकथा सुनाई। 

समय तो अभी बहुत बोझिल चल रहा है पर बोझिल वातावरण में नहीं रहना चाहिए। ऐसे वातावरण में रहने से विचार नकारात्मक होने लगते हैं, जो अपने लिए भी और  समाज के लिए भी हानिकारक है। अतः ऐसे समय में कुछ रचनात्मक कार्य करते रहने से मन सक्रिय रहता है और अच्छे विचारों का आदान-प्रदान होता है। 

 इस कार्य में मुझे हमारी साहित्यिक गोष्ठी बहुत अच्छी लगती है। इसमें अच्छे भावनाओं का आदान-प्रदान होता है।

सिर्फ साहित्यिक कार्य ही नहीं जिसे जिस कार्य में रुचि है उसे वो कार्य कर आप के को सक्रिय रखना चाहिए। बहुत से ऐसे कार्य होंगे जिसे करने की इच्छा तो थी पर समयाभाव के कारण पूरा नहीं कर पाए उसे करने की कोशिश करनी चाहिए।

मैं आजकल अपने ऐसे ही कार्यों को पूर्ण कर रही हूँ।   


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