STORYMIRROR

Dinesh Divakar

Horror Thriller

4  

Dinesh Divakar

Horror Thriller

ब्रह्मास्त्र - एक रहस्य भाग-3

ब्रह्मास्त्र - एक रहस्य भाग-3

3 mins
322

"अरे बेटा तुम...!!" रोहित की मां घबराते हुए बोली।

रोहित हैरानी से बोला "आप लोगों ने आज तक इस सच्चाई से मुझे दूर क्यो रखा..??"

रोहित के पापा "तेरे भलाई के लिए बेटा... हम नहीं चाहते थे कि जो हाल तुम्हारे मां बाप का हुआ है वैसा तुम्हारा हो और इसमें हम दोनों का भी स्वार्थ छिपा था क्योंकि हमने दस साल तक संतान के लिए तरसे थे हमें लगा सच्चाई जानने के बाद तुम हमें छोड़ दोगे।

"बेटा तुझे जरूर मैंने जनम नहीं दिया हो, लेकिन अपने बेटे जैसा पाला है... तू कहीं हमें छोड़कर तो नहीं चला जाएगा" मां के आंखों से आंसू बहने लगे।

रोहित अपनी मां को चुप कराते हुए बोला "नहीं मां मैं आप लोगों का ही बेटा हूं लेकिन मुझे जानना है कि मैं कौन हूं और मुझे वो सपने बार बार क्यो दिखाई देते हैं...!!"

सैकेस्ट्रिक "कालकेय...!! ये रचना महर्षि सहस्त्रबाहु ने लिखी है इसमें ब्रह्मास्त्र के थोड़े से अंश का वर्णन है। शायद महर्षि सहस्त्रबाहु आप लोगों की कुछ मदद कर सकें।"

रोहित "कहा रहते है वे..?"

सैकेस्ट्रिक "यहां से 200 किलोमीटर दूर एक विशाल पर्वत है गिर पर्वत... लेकिन वहां पहुंचना काफी मुश्किल है क्योंकि उस पर्वत के आसपास जंगली जानवर निवास करते हैं..!!"

रोहित "मैं जाउंगा वहां... इस रहस्य को समझने के लिए मुझे जाना ही होगा..!!"

मां "नहीं बेटा वहां बहुत खतरा है.. हम तुम्हें वहां नहीं जाने देंगे...!!"

रोहित "नहीं मां मुझे जाना ही होगा नहीं तो इस ब्रह्मास्त्र के जाल में मैं हमेशा हमेशा के लिए फंस कर रह जाउंगा।

लेकिन मैं वादा करता हूं कि मैं लौट कर जरूर आऊंगा।"

फिर शुरु हुआ ब्रह्मास्त्र के रहस्य को जानने का सफर।पांच घंटे के सफर के बाद रोहित गीर पर्वत से थोड़ी दूर एक मैदान में पहुंचा वह आगे बढ़ना चाहता था लेकिन शाम भी अपने अंतिम चरण पर था रात होने वाला था रोहित वहीं अपना डेरा जमाकर लेट गया और सुबह होने का इंतजार करने लगा।

रात के अंधेरे में एक लड़की के रोने की आवाज सुनकर रोहित की आंखें खुल गईं वह उस आवाज की ओर बढ़ने लगा। कुछ ही दूर पर एक महिला पत्थर पर बैठी रो रही थी रोहित उसके पास जाकर बोला "कौन हो आप इस सुनसान जंगल में अकेले क्या कर रही है..?"

उधर से कोई जवाब नहीं आया रोहित फिर से बोला इस बार वह स्त्री बेहद खौफनाक आवाज में बोली "तुम्हारे ही इंतजार में बैठी हूं आखिर तुम आ ही गए ब्रह्मास्त्र..!! लेकिन तुम भी कुछ कर नहीं पाओगे हा हा हा...!! मैं तुम लोगों का पीछा नहीं छोड़ने वाली..!! मरोगे तुम सब मरोगे।"

ऐसा कहकर वह पीछे मुड़ी उसका चेहरा बेहद खौफनाक था जिसे देखकर रोहित नीचे जमीन पर गिर पड़ा वह चुड़ैल रोहित के उपर चढकर उसका गला दबाने लगी।

नहीं नहीं छोड़ दो मुझे रोहित चिल्लाते हुए उठ बैठा !

"ये सपना तो बेहद खौफनाक था...!!" रोहित पसीना पोंछते हुए बोला।

तभी उसके आसपास से कुछ अजीब सी आवाजें आने लगा वह धीरे धीरे टेंट से बाहर झांककर देखा तो कोई नहीं था तभी अचानक वहां शेरों का झुंड आ पहुंचा और रोहित को चारों तरफ से घेरने लगा ।

रोहित डरते हुए "हे भगवान अब क्या करूं ये तो मुझे कच्चा चबा जायेंगे!"

तभी सभी शेर रोहित की ओर दौड़े और रोहित भगवान का नाम लेकर पीछे से निकलकर पर्वत की ओर भागने लगा लेकिन थोड़ी ही देर में बाकी शेर भी उसके पीछे पड़ गए।

मुश्किल से चार पांच कदम पर्वत की सीमा से दूर थे कि एक शेर छलांग लगाकर रोहित के उपर चढ़ गया और उसके छाती पर चढ़कर रोहित के उपर अपने नुकीले पंजे और दांत से उसका शरीर फाड़ने के लिए आगे बढ़ा...!!

उसके बाकी साथी जोर जोर से दहाड़ रहे थे तभी रोहित जोर से चीखा... बचाओ....!!

तो यह भाग आपको कैसा लगा उम्मीद है आपको पसंद आया होगा मुझे कमेंट करके जरूर बताइएगा तो चलिए पढ़ते हैं इस कहानी का अगला भाग और जानते हैं आगे क्या हुआ....


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi story from Horror