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नोट : कन्टेन्ट क्रमांक चुने हुए जोनर के तहत फिल्टर में प्रदर्शित होंगे : tragedy

दोस्त
© Sunita Mishra

Children Stories Drama +1

पिताजी ने अपना ट्रांसफर दूसरे शहर ले लिया। वो जानते थे की मैं बिना अपने दोस्तो के read more

5     253    4    2586

बेबसी
© Kiran Bala

Children Stories Tragedy

इसका मतलब माँ ही पूरे घर का बोझ उठा रही है read more

3     273    7    3589

Rahul is guilty, lonely and depressed - he lost his parents in a car accident. Does read more

3     359    36    2412

हम अपने लड़कों को यह सिखाएँ कि उनहे कैसे मर्यादा में रहना read more

3     123    6    2865

सबके विरोध को दरकिनार कर अपने निर्णय पर अडिग पति को कन्धा दे चल दी मंगला, पति का read more

2     2.2K    99    6

तर्क नहीं है जिन बातों पर उन पर बोलो जय श्री read more

1     655    72    9

बेटों के सिर से माँ के अंतिम संस्कार के खर्च का बोझ उतर चुका था। उन्होंने इसी स्त्री read more

7     3.2K    157    8

उस मालिक को याद तक नहीं कि उसने अपनी विदेशी पत्नी का नाम कब रख दिया read more

9     411    48    27

भैया ! बहुत हुआ, अब इसे छोड़ दो ! अपनी करनी का फल भोगे जाकर, मालती दरवाजे पर हाथ जोड़े read more

17     3.2K    80    4

घरु
© satish bhardwaj

Classics Tragedy

जब कभी इंसान मजहब और धर्म के नाम पर बटवारा करता है और उस बटवारे में भीड़ को उन्मादी read more

18     658    11    208

ऐसे चुप रहने से काम नही चलेगा नीतू, कल इसको जहां से लाई है वही रख आना चुप read more

10     462    125    33

काश मैं उन 160 देशवासियों की मृत्यु का बदला ले read more

1     365    56    42

तुम तो मेरी बहन हो, पर मैं किसी भी लड़की को सुगंधा से परी बनते हुए नहीं देखना read more

10     1.2K    54    57

काश की तुमसे मिल के तुम्हारा धन्यवाद कर पाती। लेकिन इन सब में मैं इतनी खो गयी कि read more

5     17.6K    118    45

सुनो मैडमजी " दस साल से या यूं समझो जबसे कुछ समझ आया शायद तबसे, शराब के साथ खुद को read more

4     1.0K    62    67

एक सच्ची घटना पर read more

8     14.5K    33    1000

वो रजनी जो कभी अपने घर की शान थी, अपने पति की जान थी, आज एक फ़ालतू कबाड़ की तरह पड़ी read more

3     9.1K    73    79

क्या सच में उसका रविवार कभी नहीं आएगा। क्या कोई दिन ऐसा नहीं होगा जो उसकी भी छुट्टी read more

5     457    56    283

बेटी के बचपन की एक read more

2     8.6K    628    98

भावनाओं पर कोई नियंत्रण ही नहीं रख पाती । पर माँ की गलती है, कभी भी अचानक से read more

16     382    7    623

अम्मा की आंखों के आंसुओं में हर उजड़ा हुआ घर रो रहा था.... बिलख रहा read more

2     611    41    1039

जब वापिस बाहर आये तो बच्चा धीरे-धीरे वापिस जा रहा था और उसकी माँ उसे देखे जा रही read more

4     338    53    112

एक कहानी ऐसी read more

4     245    34    1161

घोर पश्चाताप के दो बूंद आँसू उनकी आँखों से ढुलक पड़े read more

11     210    49    115

यह कहानी समाज के ख़ोखलेपन से लडती महिला पर आधारित read more

7     14.8K    28    1184

मैं सोच में पड़ गई कि वे पहले सच बोल रहे थे, या read more

4     577    28    489

उसकी आँखों में बोझ बन रहे आंसू गालों पर लुढ़कते हुए नीचे गिर कर मिट्टी में मिल read more

7     409    47    117

चेहरे पे प्यारी सी मुस्कान आती है। तब तब आरुषि की उसे याद आती read more

7     536    54    127

उसकी या उस जैसे बच्चों के हत्यारे हम और हमारी यही सोच read more

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यूँ तो मौत हमेशा घेरे रहती है मगर उसके साये में read more

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