बेवफाई
बेवफाई
नीलिमा फोन पर राजश्री से बात करने के बाद थोड़ी विचलित हो गई।
वह अतीत में पहुंच गई।
किस प्रकार उसके पति ने उसके साथ बेवफाई करके उसके घर संसार को उजाड़ दिया था। नीलिमा एक हद तक अपने आप को संभाल ली थी नीलिमा को पता है की दोस्ती का मतलब क्या होता है, नीलिमा यह भी जानती है किस तरह दोस्ती निभाई जाती है।
राजश्री एक विधवा, पति को हो चुकी थी। नीलिमा चाहती थी की राजश्री को जीवन यापन के लिए कोई अच्छा साथी मिले।
उसने अपने स्तर पर अपने सबसे अच्छे दोस्त जोकि खुद अब तक कुंवारा था परंतु नीलिमा के बुरे वक्त में इस दोस्त ने उसे एक प्रकार मानसिक सहारा दिया था। उसे अपने कर्तव्यों के प्रति और जीवन के अर्थों को समझाया था।
नीलिमा इसी व्यक्ति से राजश्री की शादी कराना चाहती थी उसने जब राजश्री से शादी के बारे में पूछा तो राजश्री साफ मना कर दी, राजश्री ने नीलिमा से झूठ कहा की वो शादी नहीं करना चाहती, क्योंकि राजश्री को छिपकर अवैध संबंधों में रहना था।
राजश्री नीलिमा की अच्छी दोस्त हुआ करती थी नीलिमा उस पर बेहद विश्वास करती थी। जीवन के पथ पर अपने कर्तव्य को नीलिमा सुचारू रूप से निर्वाहन कर रही थी। अपनी जिम्मेदारियां पूरी कर रही थी टूटी हुई नीलिमा बिखरे हुए परिवार को बड़ी हिम्मत के साथ समेटकर बच्चों के भविष्य को गढ़ रही थी। अचानक उसे पता चलता है प्रिय राजश्री उससे छुपा कर उसी के बताए हुए व्यक्ति के साथ रिलेशनशिप में आ गई। टूटी हुई नीलिमा प्रेम, विश्वास आस्था की जरूरत थी
अफसोस उसे दो प्रकार की बेवफाई झेलनी पड़ी। एक बेवफाई पति की और दूसरी सहेली की।
अचानक कॉलिंग बेल बच उठा और नीलिमा अतीत से वर्तमान में लौट आई और एक लंबी सांस लेकर संबंधों की व्याख्या करने लगी और पुनः अपने काम में जुट गई।
