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Burhan kadiyani .

Romance

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Burhan kadiyani .

Romance

ज़रूरत

ज़रूरत

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जब कहा जाए कि, 

'मुझे आपकी ज़रूरत है!'

फिर कौन से शब्दों की ज़रूरत है? 

फिर कौन सी सहादत की ज़रूरत है? 

एक अधूरे इंसान को दूसरे इंसान की ज़रूरत है!

नदी को पानी की, परिंदे को आसमान की ज़रूरत है!

इरादा कर लिया कि लौट के वतन वापस नहीं जाएंगे, 

उन्हें कोई बताये उनके ये इरादे से 

कितने उम्मीद के चिराग ओझल हो जाएंगे!



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