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Vivek Agarwal

Romance

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Vivek Agarwal

Romance

ज़िन्दगी में प्यार तेरा चाहता हूँ

ज़िन्दगी में प्यार तेरा चाहता हूँ

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ज़िन्दगी में प्यार तेरा चाहता हूँ।

साथ हर पल यार तेरा चाहता हूँ।


मैंने पहली ही नज़र में कर लिया था,

बस वही इक़रार तेरा चाहता हूँ।


अपने हाथों से तेरा चेहरा उठा कर,

लब तेरे रुख़्सार तेरा चाहता हूँ।


जो नहीं किस्मत में है इक़रार तेरा,

कम से कम इंकार तेरा चाहता हूँ।


इस जहाँ को छोड़ कर जाने से पहले,

साथ बस इक बार तेरा चाहता हूँ।


आँखें भी पथरा गयी हैं राह तकते,

आख़िरी दीदार तेरा चाहता हूँ।


जानता है वो ख़ुदा 'अवि' की तमन्ना,

बस बनूँ ग़म-ख़्वार तेरा चाहता हूँ।



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