STORYMIRROR

Kaushik Dave

Romance Fantasy

4  

Kaushik Dave

Romance Fantasy

यहीं कहीं हो

यहीं कहीं हो

1 min
304

ज़रा महसूस होता है

कभी लगता कि


मैं हिन्दी में लिखूँ

कभी लगता कि

गुजराती में लिखूँ

पर दिल कहता है कि


दिल से लिखूँ

कहीं तुम आसपास हो

यह महसूस होता है

वेकेशन में तेरे जाने के बाद


ख़ाली ख़ाली लगता है

जब याद आती है तेरी

महसूस होता है कि

तुम यहीं कहीं हो यहीं कहीं हो।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance