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V. Aaradhyaa

Inspirational

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V. Aaradhyaa

Inspirational

यही सच्चा आचरण है

यही सच्चा आचरण है

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जिनके आंतरिक गुणों से मन सुवासित सुमन है।

ऐसे हर एक इंसान को पूर्ण हृदय से नमन है।।


जहां तक दृष्टि डालिए वहां धूल बना चंदन है।

जिसे छू दिया वह बन गया पारस सा कंचन है।।


सतत और संघर्षरत जीवन भी संतुलित रहे ।

अपने इष्टदेव में लीन हों, तभी आत्मा चैतन्य है।।


पूजा उपासना के विभिन्न प्रकार और रूप हैं।

सत्कर्म के माध्यम जो प्राप्त हो, वह सच्चा धन है।। 


अपने अंतर्मन में खुद की स्थिति जब स्पष्ट है ।

अपनी इंद्रियों को वश में कर सके ऐसा गमन है।।


माया, मोह , छल, प्रपंच, से सदा रह बचकर ।

अपने हृदय के श्रद्धा सुमन जिन पर अर्पण है।।


मन, कर्म, वचन से करें इष्ट देव को सुमिरन ।

अनासक्त भाव से कर सकें, पूर्ण समर्पण है।।


मंत्र जाप , मानसिक पूजन ,नामोच्चारण है ।

अपने कर्तव्य का भान हो, यही सच्चा आचरण है।।



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