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Dhanjibhai gadhiya "murali"

Tragedy Thriller

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Dhanjibhai gadhiya "murali"

Tragedy Thriller

यही है जिंदगी

यही है जिंदगी

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हमेशा महेफिल में मौज करते है घर पर लोंग हमारे,

मुसीबतों में हम से सब दूर चले जाते है मुसाफिर की तरह।


मतलब पूरा करने के लिये सब दोस्त बनते है हमारे,

मतलब पूरा होने के बाद सब चले जाते है गद्दारो की तरह। 


हररोज सामने आते है एसे सब लोंग रास्ते पर हमारे,

हमे देखकर रास्ता बदल लेंते हे अनजान आदमी की तरह।


जुल्म और सितम जब बरसतें है बूरे वक्त पर हमारे,

हम को ईशारा कर के नचाते रहते है कठ पूतली की तरह। 


"मुरली" हाल कोई भी पूछने आते नहीं घर पर हमारे, 

चले आते है हमारा जनाजा उठाने के लिये बारात की तरह।


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