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Mahendra Kumar Pradhan

Classics Inspirational

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Mahendra Kumar Pradhan

Classics Inspirational

यह जोशीला हिन्दुस्तान है

यह जोशीला हिन्दुस्तान है

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दिल में देशप्रेम जोर है हिंदुस्तान कमजोर नहीं 

हम वीर स्वाभिमानी हैं, हीनमति भूमिचोर नहीं।

यह वतन हमारी मां है, मान है अभिमान है 

यही हमारी दिल की स्पंदन यही हमारी जान है।


यह जोशीला हिन्दुस्तान है !

यह जोशीला हिन्दुस्तान है !


विकृत करोगे यदि मां की तन तो अंजाम बुरा होगा 

युद्ध होगा निर्णायक चरम, अब न काम अधूरा होगा।

जान की बाजी हाथ में है अब दगाबाजी दफन होगा 

हिमालय का बर्फ ही नसीब दगाबाजों को कफ़न होगा।


यह जोशीला हिंदुस्तान है !

यह जोशीला हिन्दुस्तान है !


नियत सुधारो, सुमार्ग चुनो, किंचित न अपमान करो

पड़ोसी सम्बन्ध ध्यान रहे, भाईचारे का सम्मान करो।

वरना ! खौले खून हमारा तो मस्तक धड़ से उखाड़ देंगे

 धड़ अलग मस्तक अलग हिमाद्रि तले ही गाड़ देंगे।


यह जोशीला हिन्दुस्तान है !

यह जोशीला हिन्दुस्तान है !


इस धरती की हवा पानी में देश प्रेम हरदम जवान है 

छप्पन इंची सीना ठोक यहां का बृद्ध भी नौजवान है।

उलझोगे हम जवानों से तो तुम्हारी सल्तनत हिला देंगे 

औकात में रहना, वरना ! अस्तित्व मिट्टी में मिला देंगे।


यह जोशीला हिंदुस्तान है !

यह जोशीला हिन्दुस्तान है !


धृष्टता न करना बैर की, फिर से गलवान घाटी दिखा देंगे 

कसम हिन्दुस्तान की तुम्हें पराजय की मिट्टी चखा देंगे 

इसी मिट्टी पर बलिदान कर दूं मेरी सौ जन्म की जवानी 

सरफरोशी, देशप्रेम पर लिखा जाए मेरी हर जन्म की कुर्बानी।


यह जोशीला हिन्दुस्तान है !

यह जोशीला हिंदुस्तान है ! 


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