Exclusive FREE session on RIG VEDA for you, Register now!
Exclusive FREE session on RIG VEDA for you, Register now!

Mahendra Kumar Pradhan

Inspirational


2  

Mahendra Kumar Pradhan

Inspirational


नारी

नारी

1 min 91 1 min 91

तुच्छ नहीं है 

मानव जाति के उद्गम का 

मूलाधार है नारी।

नियति, प्रकृति और 

धरती के अस्तित्व का 

आधार है नारी।

नारी बिना 

जग कल्याण की

योजना निराधार है।


नारी दुर्गा, लक्ष्मी ,सरस्वती 

शक्ति, वैभव और ज्ञान का

शाश्वत आधार है। 

नारी जहां महफूज है 

सुख शांति लिए झोली में 

घर नहीं वह स्वर्ग है।

जिस देश में पूज्या है नारी 

उस माटि के कण कण में 

सुख शांति चौवर्ग है।



Rate this content
Log in

More hindi poem from Mahendra Kumar Pradhan

Similar hindi poem from Inspirational