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Nikhil Kumkum

Tragedy

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Nikhil Kumkum

Tragedy

ये किसकी परछाई है जो रो रही है

ये किसकी परछाई है जो रो रही है

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ये किसकी परछाई है जो रो रही है ?

 ये परछाई है उस किताब की 

 जो लिखी गई सरहदों पर।


 ये परछाई है उस हिसाब की 

 जो गिनी गई शहादतों पर 

ये परछाई है उस रंग की 

जो बिखर चुकी है। 


ये परछाई है उस वृक्ष की 

जिसकी जड़ें टूट गयीं है 

 ये परछाई है उन नन्हे क़दमों की 

जो उस ओर देख रहा है।


जिस ओर से खुशियां  आती थीं 

ये परछाई है उन हांथों की 

जो घंटों चिठियाँ लिखा करती थीं।


ये परछाई है उन धुंधली आंखों की 

जो अरसों से राह निहारा करती थी।


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