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Nikhil Kumkum

Romance


5.0  

Nikhil Kumkum

Romance


बस तुम्हें इतना चाहता हूँ

बस तुम्हें इतना चाहता हूँ

1 min 467 1 min 467


मैं तुम्हें इतनी ख़ुशी देना चाहता हूँ कि

तुम्हें पता न रहे कि खुश रहने के बहाने होते हैं


मैं तुम्हें इतना हँसाना चाहता हूँ कि

तुम्हें पता न रहे कि रूठने की वजह क्या है


मैं तुम्हें इतना देखना चाहता हूँ कि

तुम्हें पता न रहे कि संवरना ज़रूरी है


मैं तुम्हारे लिए अम्बर से इतनी रौशनी

चुन के लाना चाहता हूँ कि

तुम्हें पता न रहे कि दिन कब ढलता है


मैं तुम्हें इतना प्यार करना चाहता हूँ कि

तुम्हें पता न चले कि प्यार करने की शर्तें होती हैं...


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