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Nikhil Kumkum

Abstract


5.0  

Nikhil Kumkum

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आखरी नहीं होंगे

आखरी नहीं होंगे

1 min 262 1 min 262

 ये जो जलते जंगल हैं

आखरी नहीं होंगे

ये जो कटते पेड़ हैं

आखरी नहीं होंगे

ये सफ़ेद भुरभुरी चादर

के सिलवटों का सिमटना

आखरी नहीं होगा

आज संदर की आगोश में

समाया ये क़स्बा

आखरी नहीं होगा

इस साल के गर्मी का रिकॉर्ड

आखरी नहीं होगा

पड़ोस के गाँव

जहाँ के सारे कुँए और चापाकल

प्यासे हैं आखरी नहीं होंगे

इन सैकड़ों नहीं मासूम

जीवों की प्रजातियों

का खतम होना आखरी नहीं होगा

हम आखरी नहीं होंगे।


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