ये गलतफहमियां
ये गलतफहमियां
तेरे मेरे दरमियाँ,
अचानक कहाँ से आ गई ये गलतफहमियां।
रिश्ता प्यार से बनाया था,
सपनों सा सजाया था।
फासले ये क्यों है, क्यों है यह दूरियाँ,
क्या आज हमारे प्यार से भी बड़ी है यह गलतफहमियां।
एक बार भूला सब यह बेमतलब सी गलतफहमियां,
आकर पोछ दो मेरी आँसूओ से भरी अंखियां।
बस फिर रहेगा हमारा साथ और हमारा प्यार,
न रहेगें यह फासले, न रहेगी यह बेमतलब सी गलतफहमियां।

