यार मेरा बेखबर
यार मेरा बेखबर
बेवजह के हमको बहाने नहीं आते
यार बेखबर है हमें मनाने नहीं आते।
दूर जा बैठे हैं किनारे एक उम्मीद से
नासमझ पास हमें बुलाने नहीं आते।
बात कोई बड़ी नहीं थी बस यों ही
छोटी बात में रंग जमाने नहीं आते।
हम उनसे खफा रहें भी तो कब तक
अदाओं से हमको सताने नहीं आते।
उनकी बेरुखी भी अच्छी लगती है
नखरे वो हमको दिखाने नहीं आते।
भीग जाऊं मैं इश्क की बारिश में
बेरहम से बादल बरसाने नहीं आते।
दूरियां बनाई तो प्यार पाने के लिए
यार मेरा वो दूरियां घटाने नहीं आते।
