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niranjan niranjan

Romance Tragedy

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niranjan niranjan

Romance Tragedy

याद मेरी आई होगी

याद मेरी आई होगी

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हाथ पीले कर दिए बापू ने, 

दामन किसी और का थाम लिया। 

जीवन भर साथ निभाने का वादा, 

एक पल में ही तोड़ दिया।


सात वचन जब लिए थे तूने, 

याद मेरी भी आई होगी। 

खाई थी जो कसमें तूने, 

हर वचन पर याद आई होगी। 


साजन की बाहों में जब तू लिपटी होगी। 

याद बहुत मेरी भी आई होगी। 

आंखों से नीर बहा होगा, 

ना जाने कितनी रोई होगी। 


क्यों छोड़ दिया साथ मेरा? 

कुछ तो बतला जाती। 

समझ कुछ आया नहीं, 

शायद मजबूरी तेरी भी रही होगी।


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