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राहुल द्विवेदी 'स्मित'

Romance Inspirational

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राहुल द्विवेदी 'स्मित'

Romance Inspirational

याद बहुत आता है तू तो

याद बहुत आता है तू तो

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तुझको सोचूँ  तो आँखों से  झर जाता है मन।

अहसासों के  खारे जल से  भर जाता है मन।

सूरज, चाँद, सितारे, कलियाँ सब तो हैं फिर भी,

याद बहुत  आता है  तू तो मर जाता  है मन ।।



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