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Listeners Love

Romance

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याद आया.....

याद आया.....

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तेरा नज़र मिला कर फिर चुरा लेना और रूठ जाना भी याद आया

डरी सहमी सी होकर, तुम्हारा छत से मुझे पुकारना भी याद आया

मिलना किसी रोज तो ऐसे मिलना, कि बात करते हुए रो देना तुम

अजीब से लहज़े में मुझे, तेरा यूं मुझको गम सुनाना भी याद आया

हैं याद मुझे भी वो वक्त के आखिरी लम्हों में कहे वो आखिरी शब्द

और फिर जाते जाते हुए यूं तेरा मुझसे नज़र हटाना भी याद आया

आज जगा और जब ये दिन बीता, ख़्याल आया उन दिनों का मुझे

घर में मुझे सुबह सुबह नींद से, तेरा मुझको उठाना भी याद आया

कुछ अजीब से फासले थे हमारे बीच में, पास रह कर दूरियां भी थी

वो पहली बार तेरा मुझसे मिलना और कुछ छुपाना भी याद आया

कोई ना आयेगा, अब ईद मिलने, इन सूने घर की उदासियों में मुझे

वो चांद रातों को तेरा आकर मुझे बार बार मनाना भी याद आया ।।


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