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Kavita Sharrma

Abstract

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Kavita Sharrma

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वसुंधरा

वसुंधरा

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खुदा ने यह संसार रचा 

क्यों रचा क्या है तुम्हें पता 

धरती सबसे सुदंर ग्रह है 

मानव बुद्धि से लैस है 


खुदा ने सोचा मानव को धरती 

पर भेजा जाये 

हर सुख का आनंद उठाने से 

वह वंचित न रह जाये 

पर उसे पता नहीं था मानव की वृत्ति का 

लोभ और स्वार्थ अनिष्ट किया धरती का 


जंगल काटे पशु मारे ,घर उनका उजाड़ा 

प्रदूषण से सारी धरती को 

तहस नहस कर ड़ाला

भगवान ने फिर साजिश इक रची 

मानव को चेताने की विधी नई रची


इक छोटे से जीव ने सीख बड़ी समझा दी 

पृथ्वी अकेले मानव की ही नहीं थी सारी।


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