STORYMIRROR

Sudhir Srivastava

Abstract

4  

Sudhir Srivastava

Abstract

दवा और दुआ

दवा और दुआ

1 min
322

दवा और दुआ

सिक्के के दो पहलुओं की तरह हैं

दवा तन पर असर करती है,

दवाएं अपरिहार्य हो सकती हैं


लेकिन बिना धन के दवाएं

भला कहाँ मिल सकती हैं ?

दुआएं मन से निकलती हैं

सीधे संबंधित की आत्मा को छूती हैं


अपना असर चुपचाप करती हैं।

यह और बात है कि

दवाएं तत्काल की जरूरत होती हैं

मगर दुआएं लंबे समय तक

अपना आधार देती हैं।


जब दवाएं अपना असर दिखाना छोड़ देती हैं,

तब दुआएं अपना चमत्कारिक असर दिखाती हैं,

असंभव को संभव दुआएं ही कर पाती हैं। 


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract