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Ayush sati

Tragedy Inspirational

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Ayush sati

Tragedy Inspirational

वृक्ष

वृक्ष

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आओ नई शुरुआत करें 

एक नई पहल करे 

पेड़ों को लगाने और 

देख भाल की बात करें 


पर्यावरण ने था सब कुछ दिया

पेड़ भी थे बहुत दिए

मजाक समझ कर हमने तो

सारे पेड़ काट लिए 


कहीं कहीं तो बनी बिल्डिंगें

कहीं बनाया शॉपिंग मॉल

कहीं सड़को का जाल बिछा और

कहीं बन गए मैरिज हॉल


पर इन सबमें कहां गए वो

जो जीवन दाता है

उनको तो भूलकर सबने

निर्दयता से काटा है


प्राण वायु देते है हमको

फल भी है इन्हीं से मिलते

कड़ी धूप में मिलती छाया

बारिश को आकर्षित करते



पेड़ बड़ी अनमोल चीज है

ऐसा रत्न और नही 

फिर भी हमने इनको कटा

हम से बड़ा कोई मूर्ख नहीं


खाली बैठने से कुछ न होगा

गलती का करो पश्चाताप 

हर परिवार एक वृक्ष लगाए

सबको बतलाओ अब आप


अपनी गलती का करो सुधार,

 वृक्ष लगाए हर परिवार।


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