वक़्त
वक़्त
वक़्त ने चुप रहना सीखा क्या दिया
अपनों के गलतिओं को नज़रअंदाज़ करना क्या सीखा दिया
लोग चौड़े हो कर बोलने लगे
वक़्त ने चुप रहना सीखा क्या दिया
अपनों के गलतिओं को नज़रअंदाज़ करना क्या सीखा दिया
लोग चौड़े हो कर बोलने लगे