STORYMIRROR

Bhavna Thaker

Romance

3  

Bhavna Thaker

Romance

वफ़ा का इकरार

वफ़ा का इकरार

1 min
163

वफ़ा का इकरार कैसे करूँ 

कहो तो काट डालूँ  

शरीर की सबसे बड़ी शिरा 

जो सीधे हदय से जकर मिलती है 

बूँद-बूँद से एक ही नाम उभरेगा 

तब मानोगे ?

नहीं आता हमें इश्क जताना,

तुम आँखों की भाषा समझते नहीं

हमें चोंचले आते नहीं, 

तुम्हारे दिल की दहलीज़ पर 

रख तो दिया कलेजा निकलकर,

अब धड़कन की धुन तुम

ना पहचान पाओ तो क्या करूँ?

कहते हैं आज वैलेन्टाइन दिन है

दो चाहने वालों की चाहत को

हवा देता है,

मैं एलान ए इश्क कर दूँ 

तुम इज़हार ए मोहर मल दो,

अब इससे ओर खुलकर 

इकरार नामें पर क्या रख दूँ।



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance