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Kuhu jyoti Jain

Romance

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Kuhu jyoti Jain

Romance

वो मेरा हक़दार है

वो मेरा हक़दार है

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रक़ीब है मेरा या मेरा यार है

दूर से कर रहा जो मेरा दीदार है।


कहूँ दीवाना उसे या पागल क़रार दूँ

छुप के बैठा है वो मेरा हक़दार है।


सामने आ जो जाए तो

कुछ भी कहना है मुश्किल।


यूँ मुझे उससे शिकायतें हज़ार हैं

छुप के बैठा है वो मेरा हक़दार है।


वो जो मिल जाता तो क्या ज़िंदगी होती

ये खुशी मेरी ख़ुदा को भी नागवार है।


छुप के बैठा है वो मेरा हक़दार है।


ଏହି ବିଷୟବସ୍ତୁକୁ ମୂଲ୍ୟାଙ୍କନ କରନ୍ତୁ
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