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Ritu Agrawal

Romance

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Ritu Agrawal

Romance

वो चाँदनी रात

वो चाँदनी रात

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उजला चंद्रमा ,पूर्णिमा की चाँदनी रात

तारों जड़े नभ तले हुई पहली मुलाकात।

देखकर तुझे अधर तनिक मुस्कुराए, 

झुके हुए नैनों ने कर ली आपस में बात।

थम गई पृथ्वी अपनी धुरी पर, मेरे लिए,

तेरा अक्स दिल में सजाकर गुजारी ये रात।

जब तूने मेरा उड़ता आँचल काँधे पर रखा, 

भिगो गई मेरा दिल,पाक मोहब्बत की बरसात।

पहले दिल मिले और फिर मिले खयालात।

अब तू थाम ले सातों जन्मों के लिए मेरा हाथ ,

यही कहना चाहते हैं मेरे दिल के जज्बात।

आज मैं हूँ तेरे सामने दुल्हन के जोड़े में,

तेरे नाम का सिंदूर सजाए अपनी माँग में,

देख फिर आ गई वही उजली चाँदनी रात।

तो चल अपने दिल के खुदा को साक्षी मान,

करें हम अपने नए जीवन की हसीन शुरुआत।

जिसकी गवाह बनती रहे ताउम्र ये चाँदनी रात। 



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